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नाशीजीवों का पूर्वानुमान
जलवायु परिवर्तन के संबंध में कीट की ड्यनामिक्स
  • 10 कृषि जलवायु क्षेत्रों के 12 कृषि पारिस्थितिक क्षेत्रों से 11 राज्यों में 24 स्थानों पर चार फसलों के लिए चावल (7), कबूतर (6), मूंगफली (5) और टमाटर (6), आईसीटी आधारित रियल टाइम पेस्ट डायनेमिक्स (आरटीपीडी) के अध्ययन प्रोग्राम को वर्ष 2011 से 2016 तक कार्यान्वित किया गया गया तथा इसे 2022 तक आठ स्थानों के लिए जारी रखा गया।
  • जलवायु और कीट परिदृश्य पर बहु स्थान-बहु मौसम डेटाबेस क्रमशः खरीफ और रबी के संबंध में 24 स्थानों, 23 और 15 के लिए विकसित किया गया।
  • वार्षिक और मौसमी अवधियों के लिए जलवायु परिवर्तनशीलता के रुझान उनके परिमाण के साथ 24 स्थानों के लिए हाल की अवधि (2011-16) के लिए सभी स्थानों पर एक जैसी होने वाली घटना, जलवायु परिवर्तन को परिभाषित करता हैं।
  • चावल में अदुथुराई (टीएन) में पित्त मिज, ब्लैकबग और पीले तने वाले बोरर पर पैरासिटॉइड टेट्रास्टीकस के लिए, मांड्या (केए) में कैसवर्म के लिए, लुधियाना (पीबी) में स्टेम बोरर्स के लिए और रायपुर में पैनिकल माइट और झूठी स्मूथ के लिए जलवायु परिवर्तनशीलता का क्षेत्र स्तर प्रभाव निकाला गया।
  • चावल में कीड़ों का सह-अस्तित्व काफी हद तक जगह निष्पक्ष है, यहां तक कि महत्वपूर्ण अंतर जलवायु परिवर्तनशीलता के साथ भी सभी स्थानों पर मौसम के बीच बदलते परिवेश में कीटों के अनुकूलन के संकेत देता है।
  • अरहर में कलबुर्गी (केए) में जसिड्स और फाइटोफ्थोरा, वंबन (टीएन) में फली ततैया, वारंगल (टीएस) में फ्यूसैरियम विल्ट और एस.के. नगर (जीजे) में स्टेरलिटी मोज़ेक का घटना का कारण वर्षा परिवर्तनशीलता से प्रभावित पाया गया।
  • तुलनात्मक अध्ययन के माध्यम से अधिकतम तापमान में वृद्धि और न्यूनतम तापमान में गिरावट/उतार-चढ़ाव को मूंगफली पर बढ़ी हुई थ्रिप्स, धारवाड़ (केए), जलगाँव (एमएच), कादिरी (एपी), वृद्धाचलम (टीएन), और जूनागढ़ (जीजे) कारण के रूप में पाया गया।
  • कल्याणी (डब्लू.बी.) में टमाटर के लीफ़ स्पॉट के लिए मौसम आधारित एल्गोरिदम का विकास व सत्यापन किया गया।
  • रेप्रेजेंटटीव कंसंन्ट्रसन पाथवेज़ (आर.सी.पी.) का उपयोग कर सात स्थानों के लिए भविष्य के जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से चावल में नशीजीवों की स्थिति का अनुमान, कादिरी (एपी) में मूँगफली में जासिड और थ्रिप्स, वंबन (टीएन) मेंहेलिकोवर्पा आर्मिगेरे क्के लिए निकाला गया।
  • खरीफ में चावल (14), अरहर (11), मूंगफली (10) और टमाटर (15) सात, छह, पांच और सात स्थानों के लिए व रबी में मूंगफली (19) के कीटों और बीमारियों के लिए पूर्वानुमान मॉडल विकसित व सत्यापित किए गए।
प्रमुख फसल कीटों की पहचान और उनके समेकित प्रबंधन
  • भरतपुर और हिसार में सरसों एफिड की पहली उपस्थिति पर ब्लॉक स्तर पर भविष्यवाणी मॉडल विकसित और सत्यापित किया गया जोकि वेद-भू पोर्टल के माध्यम से वेब-आधारित प्रणाली के साथ संचालित है।
  • कटक में धान के येल्लो स्टेम बोरर के लिए, भरतपुर में सरसों के एफिड्स व अबोहर- फाजिल्का और जालना में कपास के कॉटन लीफ कर्ल वायरस, जसिड्स और थ्रिप्स इन्फेक्शन के ले हाइपर स्पेक्ट्रल डेटा एकत्र किया गया।